प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में आमजन को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने तथा जरूरत के समय सहयोग उपलब्ध कराने के प्रयासों को जिला सहकारी बैंक, दतिया ने मानवीय संवेदना और सहकारिता की भावना के साथ साकार किया है।
इसकी प्रेरक मिसाल दतिया निवासी श्री प्रदीप कुमार वर्मा की सफलता की कहानी है, जिन्होंने संकट के दौर में मिले सहकारी बैंक के संबल से अपनी चाय की दुकान को फिर से स्थापित कर परिवार की आजीविका को नई दिशा दी। श्री प्रदीप कुमार वर्मा पिछले 15 से 20 वर्षों से जिला सहकारी बैंक के समीप चाय की दुकान संचालित कर रहे हैं।
बैंक खुलने से लेकर शाम तक वह बैंक के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आगंतुकों को नियमित रूप से चाय उपलब्ध कराते रहे। अपने सरल, सहज और ईमानदार व्यवहार के कारण वे वर्षों से बैंक स्टाफ के बीच विश्वास और आत्मीयता का संबंध बनाए हुए थे। कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान उनकी चाय की दुकान बंद हो गई और परिवार की आय का एकमात्र साधन समाप्त हो गया।
इसी दौरान परिवार में बीमारी के कारण अस्पताल एवं दवाइयों पर जमा पूंजी खर्च हो गई। आर्थिक संकट इतना गहरा गया कि उनके छह वर्षीय बेटे का स्कूल में दाखिला भी रुक गया। आर्थिक सहायता के लिए उन्होंने अन्य बैंकों एवं वित्तीय संस्थाओं के चक्कर लगाए, लेकिन उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिल सका। ऐसे कठिन समय में जिला सहकारी बैंक उनके लिए उम्मीद का सहारा बना।
लगातार कुछ दिनों तक जब प्रदीप कुमार बैंक में चाय लेकर नहीं पहुंचे, तो बैंक शाखा प्रबंधन एवं सीईओ ने स्वयं फोन कर उनकी कुशलक्षेम पूछी। उनकी पारिवारिक एवं आर्थिक परिस्थितियों की जानकारी मिलने पर बैंक ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उनकी वर्षों की ईमानदारी और निष्ठा पर विश्वास जताया तथा तत्काल ऋण स्वीकृत कर आर्थिक संबल प्रदान किया।
ऋण से प्राप्त राशि से श्री प्रदीप कुमार वर्मा ने आवश्यक सामग्री एवं बर्तन खरीदकर अपनी चाय की दुकान पुनः प्रारंभ की। आज उनकी चाय की टपरी सुचारू रूप से संचालित हो रही है। ग्राहकों की नियमित आवाजाही है और उन्हें सम्मानजनक आय प्राप्त हो रही है। ऋण सहायता से परिवार के उपचार में भी मदद मिली तथा उनके छह वर्षीय बेटे का अच्छे स्कूल में दाखिला कराकर उसकी पढ़ाई पुनः शुरू हो सकी।
श्री प्रदीप कुमार वर्मा बैंक के भरोसे पर पूरी तरह खरे उतर रहे हैं और ऋण की प्रत्येक मासिक किस्त (ईएमआई) नियमित रूप से समय पर जमा कर रहे हैं। वे कहते हैं, “जिला सहकारी बैंक ने मेरे परिवार को सहारा देकर नई जिंदगी दी है।
मैं अपने छह साल के बच्चे को खूब पढ़ाऊंगा और बड़ा होकर उसे इसी जिला सहकारी बैंक का अधिकारी बनाऊंगा।” श्री प्रदीप कुमार वर्मा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी प्रयासों तथा जिला सहकारी बैंक के अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।
उनका कहना है कि कठिन समय में मिला बैंक का सहयोग केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उनके परिवार के लिए उम्मीद, सम्मान और आत्मनिर्भरता का आधार बना। श्री प्रदीप कुमार वर्मा की कहानी इस बात का प्रेरक उदाहरण है कि संकट के समय संवेदनशीलता, विश्वास और सहकारिता का छोटा-सा प्रयास भी किसी परिवार की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला सकता है।
जिला सहकारी बैंक के सहयोग से उनकी चाय की टपरी पुनः शुरू हुई, परिवार की आजीविका पटरी पर लौटी और उनके बच्चे की शिक्षा भी जारी हो सकी। आज प्रदीप कुमार वर्मा नियमित रूप से ऋण की किस्तें जमा करते हुए आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। सुश्री निहारिका मीना सहायक संचालक जनसम्पर्क दतिया



