8 सितंबर को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय सीमा (टीएल) बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर श्री कुमार सत्यम के मार्गदर्शन में आयोजित इस बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री तनुश्री मीणा एवं अपर कलेक्टर श्री डी.पी. बर्मन ने समय सीमा संबंधी प्रकरणों की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। बैठक में वनमण्डलाधिकारी श्री रेंशम सिंह धुर्वे, संयुक्त कलेक्टर श्री राहुल नायक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
बैठक में सर्वप्रथम सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों के निराकरण की समीक्षा की गई। इस दौरान सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि 50 एवं 100 दिनों से अधिक की लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के साथ निराकरण करें। एल-1 स्तर के जिस अधिकारी द्वारा शिकायत नाट अटेंडेंट पायी जाएगी उसे रेडक्रॉस में अर्थदण्ड की राशि जमा करना होगा।
पूर्व में एल-1 स्तर के जिन अधिकारियों द्वारा सीएम हेल्पलाईन की शिकायतें समय सीमा में अटेंड नही की गई थी उन्हें रेडक्रॉस में शीघ्रता से अर्थदण्ड की राशि जमा करने के निर्देश दिये गए। लोक सेवा गारण्टी अधिनियम के प्रकरणों की समीक्षा की दौरान निर्देशित किया गया कि कोई भी प्रकरण समय सीमा से बाहर नही होना चाहिए।
यदि आवेदक को समय सीमा में इस अधिनियम के अंतर्गत चाही गई सेवा का लाभ नही मिलेगा तो जिम्मेदार अधिकारी पर जुर्माना लगाया जाएगा।
बैठक में सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग को निर्देशित किया गया कि बैगा जनजाति की सभी पात्र महिलाओं को आहार अनुदान योजना का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। इस योजना में जिन महिलाओं के नाम वर्तमान में जोडे जा रहे है, उन्हें खाद्य आपूर्ति विभाग से समन्वय कर खाद्यान्न पर्ची जारी कराने कहा गया। इस दौरान बताया गया कि आहार अनुदान योजना में 43 बैगा महिलाओं के नवीन आवेदन स्वीकृत किये गए है और इन्हें खाद्यान्न पर्ची जारी की जा रही है। जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित स्वरोजगार योजनाओं में लक्ष्य के अनुरूप ऋण प्रकरण बैंकों को प्रेषित करने एवं उनमें ऋण वितरण शीघ्रता से कराने के निर्देश दिये गए।
इसी प्रकार जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक, सहायक संचालक उद्यान एवं आईटीआई की प्राचार्य को स्वरोजगार योजनाओ में लक्ष्य से अधिक प्रकरण बैंको को प्रेषित करने के निर्देश दिये गए। अग्रणी बैंक प्रबंधक को कहा गया कि सभी योजनाओं के ऋण प्रकरण में बैंको से समन्वय कर शीघ्रता से ऋण वितरण कराये। जिले के सभी नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक लोगो को स्वरोजगार के लिए ऋण दिलाने के निर्देश दिये गए।
बैठक में सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया गया कि प्राकृतिक आपदा में राहत राशि वितरण के प्रकरणों का तत्परता के साथ निराकरण करें। यह प्रकरण अनावश्यक लंबित नही रहना चाहिए। जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री को सातनारी जलाशय एवं बैहर तहसील की पोला जलाशय के लिए जमीन आवंटन करने वन विभाग के अधिकारियों के साथ शीघ्रता से स्थल निरीक्षण करने के निर्देश दिये गए। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा जिला परिवहन अधिकारी को सडक दुर्घटना में घायलों के उपचार के लिए पीएम राहत योजना के प्रकरणों का तत्परता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिये गए।
बैठक में सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सेवानिवृत्त हो चुके शासकीय सेवकों के पेंशन प्रकरणों का तत्परता के साथ निराकरण करें। विभागीय जांच एवं न्यायालयीन प्रकरण को छोडकर कोई भी पेंशन प्रकरण अनावश्यक लंबित नही रहना चाहिए। समीक्षा में स्कूल शिक्षा, जनजातीय कार्य विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों के पेंशन प्रकरण अधिक संख्या में लंबित पाये गए, जिनका शीघ्रता से निराकरण करने के निर्देश दिये गए और चेतावनी दी गई कि पेंशन प्रकरण के निराकरण में विलंब के लिए जिम्मेदार अधिकारी पर कार्यवाही की जाएगी।
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी को आंगनवाडी केंद्रो में स्वीकृत सुलभ शौचालय एवं पोषण वाटिका का कार्य संबंधित ग्राम पंचायत से समन्वय कर शीघ्रता से पूर्ण कराने के निर्देश दिये गए। श्रम अधिकारी को प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना में अधिक से अधिक लोगो का पंजीयन कराने एवं समय सीमा के भीतर इसका लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिये गए।
सभी निर्माण विभागों के अधिकारी को भी निर्देशित किया गया कि उनके कार्यों में लगे ठेकेदारों का पंजीयन कराने के साथ ही उनके श्रमिकों का इस योजना में शीघ्रता से पंजीयन कराये। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान गर्भवती माताओं के एएनसी पंजीयन एवं हाईरिस्क वाली गर्भवती माताओं के सुरक्षित प्रसव के लिए समय से पूर्व सभी आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिये गए।



